Monday, September 30, 2019

इंटरनेट से ऑनलाइन पैसे कमाने के 8 सबसे सुरक्षित और पॉपुलर तरीके। Internet se online paise kamane ke 8 sabse surakshit aur popular tarike.

आज कई सारे लोग ऐसे हैं जो घर बैठे ऑनलाइन पैसे कमा रहे हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो ऑनलाइन पैसे कमाने के चक्कर में अपना बहुत ज्यादा समय बर्बाद कर रहे हैं, क्योंकि कुछ लोगों को यह नहीं पता कि वे कौन से ऐसे तरीके हैं जिनकी मदद से हम ऑनलाइन पैसे कमा सकते हैं। और वे लोग छोटे-मोटे एप्लीकेशंस वगैरह के चक्कर में अपना समय बर्बाद करते हैं और कमाई बिल्कुल कम या ना के बराबर होती है। तो इसलिए चलिए जानते हैं क्या है वह तरीके जिनकी मदद से हम अच्छे खासे पैसे कमा सकते हैं इंटरनेट पर।

     आज जो लोग भी इंटरनेट पर ऑनलाइन पैसे कमा रहे हैं,  और अपना भरण-पोषण सारा काम ऑनलाइन पैसों की मदद से ही कर रहे हैं वह मुख्यतः 8 तरीके निम्न है:-
1. Dropshipping or Reselling
2. Affiliate marketing
3. Video publishing
4. Freelancing
5. Blogging
6. Website design and publishing
7. App development and publishing
8. Domain Reselling


1. Dropshipping or Reselling :- Dropshipping या reselling  ऑनलाइन किया जाने वाला ऐसा काम है जिसमें आप एक ऑनलाइन सेलर तो होते हो, पर आप ना ही प्रोडक्ट बनाते हो और ना ही उसे स्टोर करते हो। बस आपको उस प्रोडक्ट की मार्केटिंग करनी होती है और सेल करना होता है।  इसमें पहले से ऑनलाइन मिल रही वस्तु पर आप अपना मार्जिन जोड़कर उससे सेल करते हैं इससे जो मार्जिन होता है वही आपकी कमाई होती है।

2. Affiliate marketing :-  एफिलिएट मार्केटिंग ऑनलाइन पैसे कमाने का एक  बहुत अच्छा तरीका है। जिसमें आपको बस Amazon, Flipkart जैसे ई-कॉमर्स वेबसाइट के प्रोडक्ट को अपने लिंक के द्वारा सेल करवाना होता है, और इसके लिए आपको कमीशन मिलता है। एफिलिएट मार्केटिंग करने के लिए आपके पास ऑडियंस का होना जरूरी होता है। अगर आप कोई सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर हो या आपके पास कोई ब्लॉग या वेबसाइट है जिस पर अच्छी खासी ट्रैफिक आती है तो आप एफिलिएट मार्केटिंग कर सकते हैं और इससे पैसे कमा सकते हैं। 

3. Video publishing :-  वीडियो पब्लिशर बन कर भी आप अच्छे खासे पैसे कमा सकते हैं ऑनलाइन। इसमें आपको वीडियोस बनाकर अपलोड करने होते हैं।  यह वीडियो आप यूट्यूब फेसबुक या ऐसे ही किसी और वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म  पर डाल सकते हैं इसमें जब आपके वीडियोस पर विज्ञापन दिखाया जाएगा तो इसके लिए आपको पैसे दिए जाते हैं।
 अगर आप वीडियोस के माध्यम से टीच कर सकते हैं तो आप अपने वीडियोस को लर्निंग वेबसाइट जैसे -  Lynda.com, Udemy, Udacity, Khan Academy, Codecademy पर अपलोड कर सकते हैं जहां अगर आपके वीडियोस के द्वारा अगर कोई कुछ सीखना चाहता है तो वहां पर वह आपको पैसे पे करता है और इससे आपको कमाई होती है।

4. Freelancing :-  अगर आपके पास कोई अच्छी ऑनलाइन स्किल्स है जैसे  वेब डिजाइनिंग, एप डेवलपमेंट, वेब रिसर्च, डाटा एंट्री, पीडीएफ कन्वर्जन, ट्रांसलेशन इत्यादि तो आप फ्रीलांसिंग कर सकते हैं। जहां पर ऑनलाइन आपको यही सारे काम करने पड़ते हैं आपके क्लाइंट के लिए, और इसके लिए वे आपको पैसे देते है। freelancing के लिए Upwork, Fiverr, guru.com  जैसे वेबसाइट पर जा सकते हैं।

5. Blogging :- ऑनलाइन पैसे कमाने के लिए ब्लॉगिंग एक बहुत अच्छा साधन हो सकता है। हालांकि आज अगर आप कोई ब्लॉग लिखना शुरू करते हैं, तो तुरंत से ही आपको पैसे मिलने शुरू नहीं हो जाएंगे। इसके लिए आपको अच्छे कॉन्टेंट लिखने होंगे और आपके ब्लॉग को रैंक करवाना होगा सर्च रिजल्ट में और एक बार जब ब्लॉग एडवरटाइजिंग के लिए तैयार हो जाए तो आप इससे अच्छी खासी कमाई कर पाएंगे। ब्लॉग पोस्ट  लिखना शुरू करने से पहले एक बार जांच कर ले कि कौनसे विषयों पर ज्यादा ब्लॉग लिखे जा चुके हैं, और किन विषयों पर या किन भाषाओं में इंटरनेट पर कम ब्लॉग उपलब्ध है। और जिसमें ज्यादा कंपटीशन ना हो उसी कैटेगरी के ब्लॉग पोस्ट लिखे तो कमाई  की संभावना और बढ़ जाएगी।

6. Website design and publishing :-  अगर आपको वेबसाइट डिजाइन करना आता है, तो आप ऑनलाइन वेब डिजाइनिंग सर्विस प्राइड करके पैसे कमा सकते हैं या आप खुद का वेबसाइट बनाकर अपनी सर्विसेस लोगों तक पहुंचाकर एडवरटाइजिंग के द्वारा या लोगो को subscription देखकर पैसे कमा सकते हैं।

7. App development and publishing :- अगर आपको एप्लीकेशन डेवलप करना आता है तो आप बहुत अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं।  आज कई सारे ऐसे लोग हैं जो एप्लीकेशन डेवलपर को ढूंढ रहे हैं तो यह सारी सर्विसेस आप ऑनलाइन प्राइड करके पैसे कमा सकते हैं किसी कंपनी या किसी इंडिविजुअल के लिए ऐप बनाकर।  
अगर आप चाहे तो एंड्रॉयड और आईओएस एप बनाकर आप खुद का एप्लीकेशन बनाकर ऐप्स स्टोर या प्ले स्टोर में डाल सकते हैं, और एडवर्टाइजमेंट के द्वारा पैसे कमा सकते हैं या तो फिर कोई paid सब्सक्रिप्शन सर्विस  देकर पैसे कमा सकते हैं।

8. Domain Reselling :- आजकल domain reselling  काफी प्रचलन में है ऑनलाइन पैसे कमाने को लेकर। अगर आपको लगता है कि, कोई डोमेंन जिसकी कीमत आज कम है, या उस डोमिन के बारे में लोगों को पता नहीं है, पर भविष्य में इसकी डिमांड हो सकती है, इसकी जरूरत पड़ सकती है लोगों को, तो ऐसे डोमेन को आप खरीद कर रख सकते हैं और उसकी मांग बढ़ने पर अधिक कीमत में बेचकर पैसे कमा सकते हैं।  एक domain name  खरीद कर रखने के लिए आपको सालाना लगभग ₹600 देने पड़ते हैं पर अगर भविष्य में उसकी कीमत बढ़ती है या किसी कंपनी को उसकी जरूरत पड़ती है तो आप उस डोमेन से लाखों-करोड़ों कमा सकते हैं।

 तो यह है कुछ 8 तरीके जिससे ज्यादातर लोग अभी पैसे कमा पा रहे हैं। और सहायता के लिए नीचे वीडियो देखें👇

Google Drive फ़ाइल शेयरिंग की मदद से एक साथ कई सारे फाइल्स, फोटोस एंड वीडियोस को शेयर करें। Google Drive file sharing ki madad se a 160 unlimited files, photos and videos ko share Karen।

 दोस्तों गूगल ड्राइव (google drive) के बारे में तो आप सभी जानते ही होंगे। जब हम कोई भी एंड्रॉयड स्मार्टफोन खरीदते हैं तो उसमें गूगल ड्राइव हमें प्रीइंस्टॉल्ड मिलता है। Google Drive का उपयोग हम मुख्यतः अपने फाइल्स, फोटोस और वीडियो को स्टोर करने के लिए या सुरक्षित रखने के लिए करते हैं।
 लेकिन शायद आप यह नहीं जानते होंगे कि Google drive में  अपलोड किए गए फाइल्स, फोटोज और वीडियोस को हम बहुत ही आसानी से सिर्फ एक लिंक भेजकर किसी के भी साथ शेयर कर सकते है।  चाहे उस फ़ाइल का का साइज कितना भी बड़ा क्यों न हो।
          अगर हम किसी फाइल को ईमेल या व्हाट्सएप जैसे इंस्टेंट मेसेजिंग एप्प से सेंड करना चाहते है तो वहाँ कुछ डेटा साइज की लिमिट दी होती है जिससे ज्यादा साइज का फ़ाइल हम उससे शेयर नही कर सकते। वही अगर छोटा फ़ाइल भी हो और अगर हमें कई सारे लोगो को भेजना हो तो हम हर किसी को अलग-अलग नही भेज सकते इसमे बहुत समय और डेटा लग जायेगा। ऐसे में गूगल ड्राइव का फ़ाइल शेयरिंग ऑप्शन बहुत उपयोगी हो जाता है।  जिसमें हम उस फाइल को गूगल ड्राइव में अपलोड कर देते हैं जिसे हमें शेयर करना है, और इसके बाद बहुत ही आसानी से सिर्फ हमें एक लिंक शेयर करना होता है जिनको भी यह फाइल शेयर करना है। और वह व्यक्ति जिसे हमने लिंक शेयर किया है खुद से उस गूगल ड्राइव में जाकर उस फाइल को देख सकता है और डाउनलोड कर सकता है चाहे वह फाइल कितनी भी बड़ी साइज का हो।
नीचे दिए गए निर्देशों का पालन करके आप गूगल ड्राइव में से फाइल को शेयर कर सकते हैं👇

1. गूगल ड्राइव को खोले।


 2. ड्राइव में से उस फाइल या फोल्ड को चुने जिसे आपको शेयर करना है। उसके बगल में आपको 3 डॉट्स दिखेंगे उस पर क्लिक करें।


3. 3 डॉट्स पर क्लिक करते ही जो लिस्ट खुलेगा उसमे देखे उस फ़ाइल का लिंक शेयरिंग on है या off, अगर off है तो उसपर क्लिक करके उसे on करले।

4. लिंक शेयरिंग on हो जाने पर उसले नीचे आपको copy link का ऑप्शन दिखेगा जिसपर क्लिक करके लिंक कॉपी करले और फिर उस लिंक को व्हाट्सएप, ईमेल या किसी और तरीके से किसी को भी शेयर करे जिनके साथ आपको उस फ़ाइल को शेयर करना है। और जब वह उस लिंक पर क्लिक करके उसे खोलेगा तो वह उस फ़ाइल तक पहुच जाएगा।

 और सहायता के लिए यह वीडियो देखें👇

Video stabilization क्या होता है? गूगल फोटोज की मदद से वीडियो को स्थिर बनाये। video stabilization kya hota hai?

 video stabilization का हिंदी होता है "वीडियो स्थिरीकरण"। और जिसका मतलब है किसी वीडियों को स्थिर बनाना। जब हम किसी वीडियो को रिकॉर्ड करते है तो कई बार यह बहुत हिलता-डुलता हुआ होता है जब हम इसे किसी तरह स्थिर बनाते है तो उसे ही वीडियो को stabilize करना कहते है।
           इंटरनेट पर आपको कई सारे  video stabilizer  सॉफ्टवेयर मिल जाएंगे जिसमें से कुछ paid होते हैं तो कुछ फ्री होते है। आजकल मिलने वाले कई सारे स्मार्टफोन में आपको इनबिल्ट वीडियो स्टेबलाइजेशन का ऑप्शन मिल जाता है पर अगर आप का वीडियो फिर  स्थिर नहीं बन पाता तो आप अपने फोन में एक प्रीइंस्टॉल्ड ऐप गूगल फोटोस की मदद से किसी वीडियो को स्थिर बना सकते हैं, नीचे दिए गए निर्देशों को देखकर....।

1. अपने स्मार्टफोन में गूगल फोटोज को खोले।


2. इसके बाद ऊपर बायीं ओर दिए गए 3 लाइन्स पर क्लिक करे।

3. इसके बाद device folder को सेलेक्ट करे।

4. Device folder में से उस वीडियो को चुने जिसे आपको स्थिर बनाना है or stabilize करना है।

5. वीडियो खोलने के बाद नीचे आपको वीडियो एडिट करने का शाइन दिखेगा उसपर क्लिक करे।

6. इसके बाद आपको stabilize पर क्लिक करना है।

क्लिक करते ही स्थिरीकरण चालू हो जाएगा।

7. प्रोसेस पूरा हो जाने पर save copy पर क्लिक करें।

 और बस इतना करने पर आपका एक स्थिर वीडियो का कॉपी आपके गैलरी में सेव हो जाता है।  आप चाहे तो वही गूगल फोटोज एप के अंदर स्थिर किए हुए वीडियो और बिना स्थित किए हुए वीडियो की तुलना भी कर सकते हैं।

 और सहायता के लिए यह वीडियो देखें👇

Sunday, September 29, 2019

गूगल मैप्स की मदद से जाने पूरे दिन आप या आपके फ़्रेंड्स फॅमिली में कौन कहाँ-कहाँ गए थे। Google maps ki madad se jane aap ya aapke friends, family me koi pure din kahan gaye the.

Google maps का उपयोग दो लगभग है स्मार्टफोन यूजर करता है पर क्या आपको पता है गूगल मैप्स के टाइमलाइन फीचर के बारे में?  गूगल मैप्स का टाइमलाइन फीचर एक बहुत ही बेहतरीन फीचर है गूगल की तरफ से, जिसकी मदद से आप देख सकते हैं पूरे दिन में आप कहां-कहां गए या तो फिर, आपके फ्रेंड या फैमिली के स्मार्टफोन को लेकर भी आप उसके फोन से देखकर आप चेक कर पाएंगे कि वह कहां कहां गए थे पूरे दिन। टाइमलाइन का उपयोग या इसे एक्टिवेट करने के लिए निम्न निर्देशो का पालन करे👇
1.  अपने फोन में गूगल मैप्स को खोलें और फिर ऊपर दाहिने कोने में 3 लाइंस के ऊपर क्लिक करें।
 2.  क्लिक करने के बाद आपके पास एक लिस्ट खुल जाएगा जिसमें से आपको दूसरा ऑप्शन टाइमलाइन में जाना है।

3.  अगर आप पहली बार टाइमलाइन को खोल रहे हैं तो आपको नीचे दिए गए चित्र के अनुसार एक पेज दिखाई देगा,  जिसमें आपको टर्न ऑन पर क्लिक करना है। पर अगर आपने इससे पहले गूगल मैप्स में टाइम लाइन को खोला था तो आपको या पेज नहीं दिखाई देगा।
3. इसके बाद आपके पास जो पेज खुलकर आता है उस पर आप देख पाएंगे कि पूरे दिन आप कहां कहां गए। 
 इस पेज के ऊपर आप देख सकते हैं कि पूरे दिन आप कहां कहां गए। आपको इस पेज पर मैप और डिस्टेंस साथ ही साथ यह भी दिखाई देता है कि आपने दो जगहों के बीच कैसे ट्रेवल किया पैदल या किसी और ट्रांसपोर्टेशन से। पर यहां पर आपको सिर्फ उसी दिन की डिटेल मिल पाती है जिस दिन आप यह चेक कर रहे हैं अगर आपको बीते हुए किसी और दिन की डिटेल चेक करनी है तो आपको ऊपर दिए गए today के ऊपर क्लिक करके कैलेंडर खोल लेना है और उसमें से आप कोई भी तिथि चुन सकते हैं जिस तिथि की डिटेल आपको चेक करनी है।


 और सहायता के लिए यह वीडियो देखें👇

VPN (वीपीएन) क्या है, यह कैसे काम करता है? VPN kya hai, yah kaise kaam karta hai?

VPN का फुल फॉर्म होता है virtual private network (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क)। और जैसा नाम से ही पता चल रहा है  वीपीएन हमें वास्तव में इंटरनेट पर एक प्राइवेट नेटवर्क प्रदान करता है,  जहां हम निजी तौर पर व्यक्तिगत रूप से अपना कुछ काम कर सकते हैं, जो प्राइवेट रहेगा।
         इंटरनेट पर जब कोई वेबसाइट किसी देश के लिए ब्लॉक किया हुआ होता है तो VPN का उपयोग करके उस देश में रहकर भी उस वेबसाइट को एक्सेस किया जा सकता है। वीपीएन का उपयोग करके  आप इंटरनेट में दिखा सकते हैं कि आप किसी और देश से (आपके VPN में सिलेक्टेड देश से)  इंटरनेट यूज कर रहे हैं। 
  जैसे चाइना में गूगल के कई सारे सर्विसेज उपलब्ध नहीं है, बैन किये गए है, तो वहां पर अगर कोई बाहर से जाता है, और उसे गूगल के उस सर्विस को यूज करना है, तो वहां पर उसे वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का उपयोग करना होता है, और इसके उपयोग से वह आसानी से उस वेबसाइट को एक्सेस कर पाता है जिसे चाइना में ब्लॉक किया गया है।
     जब हम कोई वीपीएन नेटवर्क से कनेक्ट हो जाते हैं तो जो कुछ भी हम इंटरनेट पर सर्च करते हैं वह पहले उस कनेक्टेड सर्वर में जाता है और फिर कनेक्टेड सर्वर से इंटरनेट पर वह चीजें सर्च की जाती है, और जब इंटरनेट उस सर्वर को रिस्पांस करता है तो सर्वर हमें रिजल्ट दिखाता है इस तरह वीपीएन नेटवर्क काम करता है।  
जैसे मान लेते हैं अभी मैं भारत में बैठा हूं और एक यूरोपियन किसी कंट्री के VPN से कनेक्टेड हूँ, तो जो कुछ भी मैं अब इंटरनेट पर सर्च करूँगा वह पहले उस यूरोपियन कंट्री के सर्वर पर जाएगा जिसे मैंने कनेक्ट किया है, और इंटरनेट से जब उस सर्वर को रेस्पोंस किया जाएगा तो सरवर मुझे वहीं रिजल्ट दिखाएगा। इस तरह में भारत में बैठे-बैठे उस यूरोपियन कंट्री कि ओर से इंटरनेट पर सर्च कर पा रहा हूं।
    इंटरनेट पर आपको कई सारे वीपीएन (VPN) नेटवर्क प्रोवाइडर मिल जाएंगे, जिसमें से कुछ नेटवर्क को आप भुगतान करके ले सकते हैं, वहीं कुछ नेटवर्क आपको फ्री में भी मिल जाते हैं पर, फ्री वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क प्रदान करने वाली कंपनियां अक्सर यूजर का डाटा चोरी करती है या तो फिर आपको उस वीपीएन नेटवर्क के द्वारा तरह-तरह के विज्ञापन दिखाए जाते हैं। पर वही अगर आप कोई वीपीएन नेटवर्क भुगतान करके लेते हैं तो वह नेटवर्क बिल्कुल से और सिक्योर होता है, जिसमें आपको किसी तरह का विज्ञापन भी नहीं दिखाया जाता।

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किसी फोन या डिवाइस में आईएमइआई नंबर क्या होता है ? IMEI number kya hota hai?

आईएमइआई का फुल फॉर्म है "अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान" ( International Mobile Equipment Identity )। और जैसा इसके फुल फॉर्म से पता चलता है यह किसी डिवाइस का एक पहचान होता है। IMEI नंम्बर 15 नंबर का होता है, जो आपको किसी सेल फ़ोन में बैटरी के नीचे, रिटेल बॉक्स पर या *06# डायल करने पर मिल जाता है, वही स्मार्टफोन में इसके अलावा फ़ोन सेटिंग्स के अबाउट में भी मिल जाता है।
         IMEI Number किसी फोन के पहचान के  पहचान के लिए अति आवश्यक होता है और इसके बिना किसी फोन को नहीं चलाया जा सकता।  कई सारे देश में आईएमईआई नंबर को चेंज करना या बदलना गैरकानूनी माना गया है। भारत में भी आईएमइआई नंबर को चेंज करना गैरकानूनी माना गया है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में आप imei नम्बर चेंज कर सकते है जैसे अगर आपके ही नाम पे दो फ़ोन लिए हुुुए है और उसमेे से एक फ़ोन का imei दूसरे में डाल रहे है तो आप ऐसा कर सकते है पर इसके लिए भी खुली छूट नही दी गयी है। पर कई बार जब फ़ोन का imei नम्बर में कोई परेशानी आने लगती है तो इसे रिपेयर करन होता है।
   जब कभी हमारा फ़ोन खो जाता है और हम पुलिस में कंप्लेन करते है तो पुलिस imei नम्बर से ही फ़ोन को ब्लॉक या उसमे लगने वाले आगले नंबर को ट्रैक कर पाती है।

 और सहायता के लिए या वीडियो देखें👇

म्यूचुअल फंड्स क्या होते हैं? इसमें कैसे इन्वेस्ट करें? Mutual funds kya hote hai? Kaise invest kare?

 जैसे म्यूच्यूअल का हिंदी अर्थ होता है सामूहिक वैसे ही म्यूच्यूअल फंड का मतलब होता है सामूहिक फंड जिसमें कई सारे लोग सामूहिक रूप से इन्वेस्ट करते हैं। 
       Mutual Fund में थोड़ा रिक्स भी होता है, पर लंबे समय तक निवेश के लिए काफी अच्छा माना जाता है।  सामूहिक रूप से निवेश किए गए राशि को किसी एक्सपर्ट द्वारा अलग-अलग जगह पर निवेश किया जाता है और जैसा इसका रिटर्न आता है उसी के आधार पर अलग-अलग लोगों द्वारा निवेश किए गए राशि के अनुसार उन्हें उसका वितरण कर दिया जाता है। म्यूच्यूअल फंड अलग-अलग तरह के होते हैं कुछ मचल फंड में ज्यादा रिटर्न्स मिलता है तो उसमें ज्यादा जोखिम भी होता है, वहीं कुछ म्यूच्यूअल फंड्स आपको कम रिटर्न्स देते हैं पर उसमें जोखिम भी बिल्कुल ना के बराबर होता ह, वही कुछ म्यूच्यूअल फंड बैलेंस फंड होते हैं जिनमें थोड़ा जोखिम होता है तो रिटर्न मीडियम ही मिलता है।
     वैसे तो म्यूच्यूअल फंड्स कई तरह के होते हैं

Fixed income funds. ...
Equity funds. ...
Balanced funds. ...
Index funds. ...
Specialty funds. ...
Fund-of-funds. ...
Diversify by investment style.
   पर यहां हम मुख्यतः तीन तरह के म्युचुअल फंड्स के बारे में बात करेंगे जिसमे मुख्यतः सभी फंड्स जाते हैं
1. equity mutual funds

2. balanced mutual funds

3. debt mutual funds

1. equity mutual funds :  इस तरह के म्यूचुअल फंड्स में निवेश किए गए राशि का  अधिकतम भाग शेयर मार्केट या किसी ऐसे ही जगह पर लगाया जाता है जहां पर जोखिम ज्यादा होता है तो वही रिटर्न भी त्वरित और अधिक मिलने की संभावना होती है।

2.  balanced mutual funds :  इस तरह के मुचल फंड में जमा हुए राशि का  कुछ भाग लगभग आधा भाग शेयर मार्केट जैसी जगहों पर लगाया जाता है, वही बचा हुआ इसका आधा भाग गवर्नमेंट फंडिंग या ऐसे ही किसी जगह पर लगाए जाते हैं जहां जोखिम कम होता है या बिल्कुल ना के बराबर होता है और इस तरह के फंड्स में रिटर्न भी बैलेंस मतलब मीडियम होता है।

3.  debt mutual funds :  इस तरह के म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश की गई राशि को किसी ऐसे जगह पर निवेश किया जाता है जहां जोखिम बिल्कुल कम हो या ना के बराबर हो जैसे गवर्नमेंट फंडिंग  इत्यादि। और क्योंकि इस म्यूच्यूअल फण्ड में जोखिम बिल्कुल कम होता है, इसलिए इसमें रिटर्न भी  कम ही मिलता है।  इसका रिटर्न अक्सर देखा जाता है की फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट के समान ही होता है।

 अगर आप म्यूचल फंड में इन्वेस्ट करना चाहते हैं तो आपको यह बात ध्यान रखना होगा कि अलग-अलग समय अवधि के लिए आप अलग-अलग तरह के मुचल फंड को चुन सकते हैं पर ध्यान रहे म्यूच्यूअल फंड में से कुछ म्यूच्यूअल फंड को आप कभी भी निकाल सकते हैं वहीं कुछ मुचल फंड एक लॉकिंग पीरियड में आते हैं जिसमें अगर आप इन्वेस्ट करते हैं तो आपको इतने समय तक के बाद ही आप अपने राशि को निकाल पाएंगे।

और सहायता के लिए यह वीडियो देखें👇

खोए हुए कांटेक्ट को वापस कैसे लाएं? गूगल कॉन्टैक्ट्स बैकअप और रिस्टोर कैसे करे? Khoye hue contacts ko wapas kaise laye? Google contacts backup or restore kaise karen?

   अगर किसी एंड्राइड फोन में कांटेक्ट को हमेशा के लिए सुरक्षित करके रखना है, तो इसके लिए सबसे बेहतर तरीका है, गूगल कांटेक्ट के अंदर उसका बै...