Thursday, April 16, 2020

डीबीटी बैंक एकाउंट कैसे बदले? DBT (Direct benifit transfer) Account kaise change kare?

इससे पहले हमने आपको DBT के बारे में बताया था। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण या DBT के माध्यम से सरकार किसी व्यक्ति के बैंक एकाउंट में सीधे राशि को भेजती है। 400 से भी ज्यादा तरह के बेनिफिट्स का प्रत्यक्ष राशि ट्रांसफर DBT के जरिये किया जाता है। 



अब अगर ऐसे में किसी व्यक्ति को अपना DBT बिनीफिट्स के लिए एकाउंट बदलना हो, तो कोई एक सहज तरीका नही है जिसके माध्यम से किसी भी बैंक को DBT के लिए बदला जा सकता है।  यहां अलग-अलग बैंकों के लिए DBT एकाउंट बदलने की प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है। जैसे अगर आप kotak 811 का खाता खोलते है, तो खाता खोलते समय ही आपसे पूछा जाता है, की आपका कोई एकाउंट DBT के लिए चुना हुआ है, या आल इसे DBT के लिए सेलेक्ट करना चाहते है। वहां अगर आप चाहे तो kotak 811 के एकाउंट को डब्त के लिए चुन सकते है। या तो फिर खाता खोल लेने के बाद भी आप kotak 811 अप्प में जाकर DBT बेनिफिट्स के लिए अनुरोध कर सकते है, इसके लिए आपको अप्प में ही विकल्प मिल जाता है। ठीक उसी प्रकार अगर आप DBS का digibank account ऑनलाइन खोलते है तक यहां भी आपको DBT के लिए इस एकाउंट कक चुनने या एकाउंट बदलने का विकल्प मिल जाता है। परंतु अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एकाउंट को आप DBT के लिए सेलेक्ट करना चाहते है, तो इसके लिए आपको सबसे पहले आपका kyc अपडेट करना होगा आधार नंबर के साथ। फिर आपको DBT बेनिफ्ट्स जैसे गैस सब्सिडी के लिए गैस एजेंसी में जाकर आपका बैंक एकाउंट अपडेट करवाना होगा। तब जाकर आपका DBT एकाउंट SBI में चेंज हो पायेगा। तो ऐसे हर बैंक के लिए DBT बदलने के लिए अलग-अलग प्रक्रिया है। आगे चलकर मैं यहां आपको बताता हु, कैसे आप पेटीएम पेमेंट्स बैंक को DBT एकाउंट के लिए सेलेक्ट कर सकते है ऑनलाइन।
       अगर आपको चेक करना है की अभी आपका कौनसा बैंक DBT के लिए चुना हुआ है तो इसके लिए आपको https://resident.uidai.gov.in/bank-mapper पर जाना होगा। यहां आपको आपका आधार नंबर और कैप्चा डालना है, फिर generate otp पर क्लिक करना है। क्लिक करते ही आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा उसे आपको सबमिट करना है, जिसके बाद आप देख पाएंगे कि आपका कौन सा बैंक अकाउंट अभी डीबीटी के लिए सिलेक्ट किया हुआ है।



       Paytm payments bank को DBT एकाउंट बनाने के लिए सबसे पहले पेटीएम अप्प में अपने बैंक में लॉगिन करना है।


 
       लॉगिन करने के बाद आप अगर नीचे जाएंगे तो बैंकिंग सर्विसेज में आपको Direct benifit transfer का एक विकल्प दिखेगा जिसपर क्लिक करके आप अपने DBT एकाउंट के लिए  Paytm payments Bank को चुन सकते है।




हिंदी वीडियो के माध्यम से समझने के लिए यहां देखें👇


Sunday, March 15, 2020

किसी एंड्रॉइड फोन में बीटा मैनेज करने का सबसे आसान तरीका। Best beta manager app for Android.


कई सारे लोग जो किसी एप्लीकेशन के नए फीचर को आने से पहले ही यूज़ करना चाहते हैं, वह उस एप का बीटा वर्जन यूज करते हैं। बीटा वर्जन में किसी भी नए फीचर को पहले दे दिया जाता है टेस्ट करने के लिए  और बाकी सभी को यह नया फीचर बाद में दिया जाता है।
तो  अगर आप भी एंड्राइड में किसी एप का बीटा वर्जन यूज करते हैं, तो यहां आपके लिए एक छोटा सा एप्लीकेशन बहुत उपयोगी हो सकता है, जिसका नाम है Beta maniac.
एंड्रॉइड में बीटा अप्प्स को मैनेज करने के लिए यह बहुत उपयोगी हो सकता है। इस अप्प का उपयोग करके आप अपने फोन में किसी भी ऐप का बीटा एक ही जगह से ज्वाइन कर सकते हैं, या छोड़ सकते हैं। इस ऐप के अंदर ही आपको बता दिया जाएगा कि आपके फोन में मौजूदा एप्स में से कौन-कौन से ऐप्स में बीटा वर्जन उपलब्ध है, और किसे आपने जॉइन कर रखा है।

कैसे डाउनलोड करना है, और कैसे उपयोग करना है, जानने के लिए नीचे वीडियो देखें।👇

डिजीलॉकर में uploaded documents और issued documents में क्या अंतर है? Digilocker mein upload documents aur issued documents kya hai?


Digilocker में दो तरह के डॉक्यूमेंट देखने को मिलते है, एक uploded documents और दूसरा issued documents। तो  लोग यहां कंफ्यूज़ होते है की कोनसा डाक्यूमेंट्स कहाँ उपयोग में लाया जा सकता है, और कोनसा कहाँ मान्य नही होगा।
तो डिजिलॉकर अप्प में अगर कोई  दस्तावेज किसी सरकारी एजेंसी से जारी कराए गए हैं, तो यह सब जगह वैध माने जाएंगे। वही अगर कोई दस्तावेज आपने उस अप्प में खुद से डाला है (upload किया है) तो यह सिर्फ आपके लिए है, और यह हर जगह मान्य नही होगा।
अब जैसे अगर आप कहीं बाहर गए है गाड़ी लेकर और आपने गाड़ी के पेपर व ड्राइविंग लाइसेंस नही लिया है। और अब ऐसे में अगर आपसे गाड़ी के पेपर व ड्राइविंग लाइसेंस पूछे जाते है, तो आप डिजिलॉकर में पड़े दस्तावेज दिखा सककते है। परंतु ये दस्तावेज तभी वैध माने जाएंगे जब ये issued documents में होंगे। अगर आप uploded documents में से ये दस्तावेज दिखाते है तो वैध नही माने जाएंगे, और आपको फाइन भी देना पैड सकता है।
डिजिलॉकर में डाक्यूमेंट्स उपलोड करने का विकल्प इसलिए दिया गया है, ताकि आप अपने किसी और तरह के डॉक्यूमेंट, जो डिजिलॉकर में कहीं से जारी नही कराये जा सकते, को अपलोड करके रख सके। और अगर आपको भविष्य में कभी जरूरत पड़े तो आप यहाँ से निकालकर या प्रिंट लेकर इसका उपयोग कर सके।
और बेहतर वीडियो में समझने के लिए यहां देखे।👇

गूगल मैप्स में अक्षांश और देशांतर रेखाओ का क्या उपयोग है? Google maps mein latitude or longitude ka kya upyog hai?


आपने बचपन में अक्षांश और देशांतर रेखाओं (latitude and longitude) के बारे में पढ़ा होगा,  परंतु क्या आप जानते हैं अक्षांश और देशांतर रेखाओं की मदद से आप मैप्स में किसी का पता कैसे ढूंढ सकते हैं?
अक्षांश और देशांतर रेखाओं की मदद से आप किसी मैप के अंदर किसी को अपना पता भेज सकते हैं और किसी और का पता आप इन रेखाओं की मदद से ही ले सकते हैं। अगर आप किसी ऐसे जगह पर खड़े हो जहां के बारे में आपको पता नहीं है, तो आप ऐसे में अक्षांश और देशांतर रेखाओं की मदद से उस जगह का पता निकाल सकते हैं। हमने इसे गूगल मैप्स के अंदर उपयोग किया है, परंतु आप किसी और मैप का भी उपयोग कर सकते हैं।
                  सबसे पहले आप मैप को खोल लीजिए, और फिर उसमे उस जगह पर थोड़े लंबे समय तक दबाकर रखें जहां का पता आपको निकालना है, या जहां पर आप खड़े हो।
थोड़े लंबे समय तक दबाकर रखने पर आप देखेंगे वहां आपको एक लाल कलर का आइकन दिखाई देगा और नीचे आपको dropped pin लिखा हुआ दिखेगा। अब आपको यहां dropped pin पर एक बार क्लिक करना है।
क्लिक करने के बाद आप देखेंगे आपको यहां उस जगह का पता दिखाई देगा और थोड़ा नीचे देखेंगे तो आपको यहां उस जगह का अक्षांश और देशांतर रेखाओं का मान्य दिखाई देगा।
अब अगर आप एक बार उच्च अक्षांश और देशांतर रेखाओं के माननीय पर क्लिक करते हैं, तो यह आपके क्लिक बोर्ड में कॉपी हो जाएगा और फिर आप इसे जहां चाहे जैसे चाहे शेयर कर सकते हैं।  जिसके बाद अगर कोई  इसे अपने मैप में पेस्ट करके सर्च करता है, तो उसे बिल्कुल सटीक उसी जगह का पता दिखाई देगा।
 
वीडियो के माध्यम से और बेहतर समझने के लिए यहां देखें।👇

इतने सारे ऐप्स या वेबसाइट पर हमें मोबाइल रिचार्ज का विकल्प क्यों दिया जाता है? Har jagah hamen itne sare recharge option kyon diye jaate Hain?


आज अगर आपको आपका फ़ोन रिचार्ज करना है तो आपके पास के सारे विकल्प के सारे अप्प है। यहां फेसबुक, पेटीएम, फोन पे, गूगल पे, बैंकिंग अप्प्स और वेबसाइट जैसे कई जगह पे आपको रिचार्ज करने या बिल पेमेंट करने का विकल्प मिल जाता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है, हमे इतने सारे जगहों पर रिचार्ज का विकल्प क्यों मिलता है, और इनके द्वारा रिचार्ज करने पर इनको क्या फायदा होता है! तो चलिए जानते है।
              तो इसका मुख्य कारण है कमीशन। जब भी हम किसी एप या वेबसाइट के द्वारा अपना मोबाइल रिचार्ज करते हैं, तो हम जिस ऑपरेटर का नंबर रिचार्ज करते हैं, उस ऑपरेटर के द्वारा हम जिस ऐप या वेबसाइट के द्वारा रिचार्ज करते हैं, उसे कुछ तय कमीशन दिया जाता है। जैसे अगर हम पेटीएम के द्वारा एक एयरटेल का नंबर रिचार्ज करते है, तो यहां एयरटेल के तरफ से पेटीएम को कुछ कमीशन मिलता है। यह कमीशन प्रतिसत में तय होता है, और अलग-अलग सिम ऑपरेटर की ओर से अलग-अलग कमीशन तय होता है।
               इस तरह जब भी हम किसी अप्प या वेबसाइट से रिचार्ज करते है तो वहां उन्हें कमाई होती है, और जितने ज्यादा पैसो का रिचार्ज करते है उतने ही ज्यादा कमीशन मिलता है। और इसलिए हमे कई अप्प और वेबसाइट में रिचार्ज का विकल्प मिलता है।
               अगर आप चाहे तो ऐसा अपना खुद का अप्प या वेबसाइट बनाकर खुद भी पैसे कमा सकते है। इसके लिए आपको अपने अप्प या वेबसाइट में रिचार्ज API जोड़ना होगा। रिचार्ज API देने वाले आपको कई सारे मिल जाएंगे इसके लिए आप ऑनलाइन सर्च कर सकते है। और पहले इसके लिए आपको कुछ पैसे देने होंगे।
               गूगल प्ले स्टोर पर भी आपको कुछ अप्प्स मिल जाएंगे जो रिचार्ज कमीशन देते है। अगर आप इन अप्प्स का उपयोग करेंगे तो आपको हर रिचार्ज पर कुछ कमीशन मिलेगा। हालांकि यह कमीशन कुछ काम होगा। क्योंकि ये अप्प्स ऑपरेटर से मिलने वाले कमीशन में से कुछ खुद रख लेते है तो कुछ आपको देते है।

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सबसे ज्यादा सुरक्षित लॉक कौन सा है, किसी स्मार्टफोन में? Smartphone mein sabse jyada secure locking system kaun sa hai?


आज हमारे फ़ोन की सुरक्षा के लिए कई सारे स्क्रीन लॉक उपलब्ध है, जैसे पिन, पैटर्न, पासवर्ड, फिंगरप्रिंट, फेस लॉक इत्यादि। परंतु क्या कभी आपने सोच है, इनमे से लॉकिंग सिस्टम सबसे ज्यादा सुरक्षित है और कोनसा सबसे कमजोर?
       यहां अगर हम बात करते है पिन, पैटर्न या पासवर्ड की तो ये फिंगरप्रिंट या फेस लॉक से काफ़ी ज्यादा सुरक्षित है। और इनमे से भी पिन और पासवर्ड सबसे ज्यादा सुरक्षित है। कुछ परिस्थितियों में देखा गया है, की पैटर्न लॉक को बाईपास किया जा सकता है, पर पिन और पासवर्ड को नही।
       वही अगर फेस अनलॉक की बात करे तो एंड्राइड का फेस लॉक सिस्टम फिंगरप्रिंट से भी बेकार है। क्योंकि यह सिर्फ सामने के कैमरे में आपको देखकर फ़ोन को अनलॉक कर देता है। कई बार एंड्राइड फेस लॉक को सिर्फ फ़ोटो दिखाकर ही बाईपास किया जा सकता है, इसके कई सबूत आपको यूट्यूब वीडियो में मिल जाएंगे। एंड्राइड के मुकाबले iOS एप्पल के स्मार्टफोन में फेस अनलॉक काफ़ी ज्यादा सिक्योर होता है। क्योंकि वहां फेस को पढ़ने के लिए अलग से हार्डवेयर लगा होता है।
       अगर हम फिंगरप्रिंट को देखे तो यह सिक्योर भी है और आसान भी। फिंगरप्रिंट लॉक को बाईपास करने के लिए वहां आपके फिंगर को होना आवश्यक है। कई बार फिंगरप्रिंट की प्रति बनाकर या आपके नींद में आपके अंगुलियों का उपयोग करके इसे बाईपास किया जा सकता है, परंतु यह सब करना इतना आसान नही होता।
     अंत में सारांश यह है की, अगर आपके फोन की सिक्योरिटी आपके लिए ज्यादा मायने रखती है तो, आप पासवर्ड या पिन लॉक का उपयोग करे। इसके बाद पैटर्न लॉक फिर फिंगरप्रिंट और अंत में फेस लॉक सुरक्षित लॉकिंग सिस्टम है।

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क्या यूट्यूब फ्री है? जाने कैसे कमाता है यूट्यूब। Kya YouTube free hai? YouTube paise kaise kmata hai?


यूट्यूब तो आप भी देखते होंगे। यूट्यूब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सर्च इंजन है, और इसके कई सारे डेली एक्टिव यूजर हैं। लेकिन आपको क्या लगता है यूट्यूब फ्री है या इसे देखने के लिए आप उन्हें पैसे देते हैं?
          यूट्यूब पर कोई भी व्यक्ति जाकर वीडियो देख सकता है, परंतु वीडियो देखने के साथ ही उसे कुछ विज्ञापन के दिखाए जाते हैं। अगर कोई व्यक्ति चाहे तो यूट्यूब की प्रीमियम सर्विस लेकर बिना विज्ञापन के भी यूट्यूब पर वीडियो देख सकता है। अगर कोई व्यक्ति यूट्यूब का प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेता है तो, वह यूट्यूब को सीधे तौर पर पैसे देता है। लेकिन वहीं अगर कोई व्यक्ति यूट्यूब को बिना कोई पैसे दिए उस पर वीडियो देखता है तो वह भी यूट्यूब को पैसे देता है परंतु परोक्ष रूप से। जैसे अगर आप और हम यूट्यूब पर वीडियो देखने जाते हैं, तो इसके लिए हमें अपने पैसों से अपना फोन रिचार्ज करके उसमें डाटा भरवाना पड़ता है। या तो फिर हम वाईफाई का उपयोग करके वीडियो देखते हैं जिसके लिए भी हमें पैसे देने होते हैं। तो यहां पर हम खुद के पैसे लगाकर यूट्यूब पर जाकर, यूट्यूब के द्वारा दिए गए विज्ञापन को देखते हैं, जिससे यूट्यूब हमारे द्वारा विज्ञापन से पैसे कमाता है।  इस तरह हम अप्रत्यक्ष रूप से यूट्यूब को पैसे देते हैं।
        और जैसा कि हम जानते हैं यूट्यूब पर हर दिन कई सारे लोग वीडियो देखने आते हैं, और जितना ज्यादा लोग इस पर वीडियो देखने आते हैं, उतने ही ज्यादा विज्ञापन दिखाए जाते हैं। और यूट्यूब को उतना ही ज्यादा इससे कमाई होता है।  वैसे तो गूगल कभी यूट्यूब की कमाई अलग से नहीं दिखाता परंतु माना जाता है कि गूगल की सारी कमाई में से 3% से 5% कमाई सिर्फ यूट्यूब से आती है। वैसे गूगल का पूरा रेवेन्यू मॉडल एडवर्टाइजमेंट पर ही टिका है।  यूट्यूब को जितना कमाई यूट्यूब प्रीमियम से नही होता उससे कई गुना ज्यादा एडवर्टाइजमेंट से ही होता है।

और बेहतर हिंदी वीडियो में जानने के लिए नीचे देखें।👇

खोए हुए कांटेक्ट को वापस कैसे लाएं? गूगल कॉन्टैक्ट्स बैकअप और रिस्टोर कैसे करे? Khoye hue contacts ko wapas kaise laye? Google contacts backup or restore kaise karen?

   अगर किसी एंड्राइड फोन में कांटेक्ट को हमेशा के लिए सुरक्षित करके रखना है, तो इसके लिए सबसे बेहतर तरीका है, गूगल कांटेक्ट के अंदर उसका बै...